CJP Latest News Today (18 July 2026): सोनम वांगचुक के समर्थन में आंदोलन तेज, 20 जुलाई संसद मार्च की तैयारियां

नई दिल्ली | 18 जुलाई 2026

Cockroach Janta Party (CJP) का आंदोलन आज भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। संगठन द्वारा शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा अनियमितताओं पर कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। इस बीच पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन जारी है, जिससे आंदोलन को और अधिक समर्थन मिल रहा है।


सोनम वांगचुक का अनशन 19वें दिन में

18 जुलाई तक सोनम वांगचुक का अनशन 19वें दिन में प्रवेश कर चुका है। डॉक्टरों के अनुसार उनका स्वास्थ्य लगातार कमजोर हो रहा है और उनका वजन भी काफी कम हुआ है। इसके बावजूद उन्होंने अपना अनशन समाप्त करने से इनकार किया है और लोगों से 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल होने की अपील की है।


CJP का आरोप – सरकार ने नहीं किया संवाद

CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार ने अब तक आंदोलनकारियों की मांगों पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी है। संगठन का कहना है कि परीक्षा घोटालों और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह होना चाहिए।


20 जुलाई को संसद मार्च

CJP ने घोषणा की है कि 20 जुलाई को मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर से संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकाला जाएगा। संगठन ने छात्रों, अभिभावकों और नागरिकों से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने की अपील की है।


किसानों और विपक्षी नेताओं का समर्थन

हाल के दिनों में आंदोलन को कई राजनीतिक दलों और किसान संगठनों का समर्थन मिला है। रिपोर्टों के अनुसार किसान नेता राकेश टिकैत के नेतृत्व में सैकड़ों किसान प्रदर्शन स्थल पहुंचे। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित कई विपक्षी नेताओं ने भी आंदोलन के प्रति समर्थन व्यक्त किया।


सोशल मीडिया पर बढ़ी चर्चा

CJP और सोनम वांगचुक का आंदोलन सोशल मीडिया पर लगातार ट्रेंड कर रहा है। कई सार्वजनिक हस्तियों ने वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है। वहीं अभिनेत्री श्वेता तिवारी ने वांगचुक के उद्देश्य का समर्थन करते हुए स्पष्ट किया कि उनका समर्थन केवल उनके सामाजिक कार्यों के लिए है।


CJP की प्रमुख मांगें

  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।

  • परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुधार।

  • पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई।

  • प्रभावित छात्रों और परिवारों के लिए न्याय एवं मुआवजा।

  • भविष्य में परीक्षा अनियमितताओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था।


निष्कर्ष

18 जुलाई 2026 तक CJP का आंदोलन निर्णायक चरण में पहुंचता दिखाई दे रहा है। सोनम वांगचुक के लगातार अनशन और 20 जुलाई के प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर देशभर में राजनीतिक और सामाजिक हलकों की नजरें इस आंदोलन पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच कोई संवाद स्थापित होता है या नहीं, यह इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय करेगा।