CJP Raises Questions Over 13 Crore Voter Names

Cockroach Janta Party (CJP) ने Special Intensive Revision (SIR) के दौरान draft electoral rolls से 13 करोड़ से अधिक नाम बाहर किए जाने की रिपोर्ट को लेकर Election Commission पर सवाल उठाए हैं। CJP के संस्थापक Abhijeet Dipke ने 24 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे को उठाया और Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग की।

यहां “13 करोड़ नाम हटाए गए” को CJP का दावा नहीं, बल्कि उपलब्ध रिपोर्टों में बताए गए draft-roll exclusions के आंकड़े के रूप में समझना जरूरी है। वहीं, इन नामों को स्थायी रूप से मतदाता सूची से हटाया जा चुका है—ऐसा निष्कर्ष इस आंकड़े से सीधे नहीं निकलता, क्योंकि बात draft electoral rolls की है।

SIR Process And Reported Electoral Roll Changes

The Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार SIR exercise के दौरान 30 States और Union Territories की draft electoral rolls में 13 करोड़ से अधिक नाम शामिल नहीं रहे। रिपोर्ट में Maharashtra में 2 करोड़ से अधिक, Uttar Pradesh में 2 करोड़ से अधिक और Karnataka में लगभग 1 करोड़ नामों के exclusion का उल्लेख किया गया है।

उदाहरण के लिए, यदि किसी पुराने electoral roll में कोई व्यक्ति दर्ज था लेकिन SIR के बाद जारी draft roll में उसका नाम दिखाई नहीं देता, तो केवल draft roll में नाम न होने के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि वह व्यक्ति हमेशा के लिए मतदान के अधिकार से बाहर हो गया। संबंधित electoral-roll rules और उपलब्ध review/claims प्रक्रिया को भी देखना आवश्यक है।

CJP Links The Issue To Election Commission Accountability

CJP ने कहा है कि इतने बड़े स्तर पर नामों के exclusion के पीछे अपनाई गई प्रक्रिया, verification और review mechanism को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाना चाहिए। संगठन ने इसी मुद्दे को अपने “Election Commission Thik Karo” अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाया है।

यह मुद्दा उस रिपोर्टिंग के बाद और चर्चा में आया जिसमें Election Commissioners Sukhbir Singh Sandhu और Vivek Joshi द्वारा पिछले 10 महीनों में electoral-roll और SIR से संबंधित फैसलों पर कम-से-कम 14 बार objections दर्ज किए जाने की बात कही गई थी।

Election Commission Gives Its Official Response

Election Commission ने reported differences को लेकर कहा है कि written notes, observations और internal checks उसकी सामान्य decision-making process का हिस्सा हैं। आयोग के अनुसार SIR सहित सभी decisions तीनों Election Commissioners की unanimous approval से लिए गए हैं।

इसलिए CJP द्वारा लगाए गए आरोपों और Election Commission के आधिकारिक जवाब को अलग-अलग समझना जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्टों में 13 करोड़ नामों के exclusion के पीछे किसी राजनीतिक उद्देश्य को स्वतंत्र रूप से सिद्ध नहीं किया गया है।

News Status: 25 September 2026 तक उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर यह CJP द्वारा उठाया गया SIR/electoral-roll issue है। 13 करोड़ का आंकड़ा draft-roll exclusions से संबंधित है; इसे “13 करोड़ लोगों के वोट हमेशा के लिए खत्म कर दिए गए” के रूप में लिखना सही नहीं होगा।