Abhijeet Dipke Latest Statement: सरकार पर लगाया बड़ा आरोप | Jantar Mantar Protest News | 21 July 2026

Published Date: 21 July 2026
Updated: 21 July 2026 | 04:30 PM IST

Introduction

जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के बीच CJP के प्रमुख नेता अभिजीत दिपके ने सरकार और पुलिस कार्रवाई को लेकर बड़ा बयान दिया है। सोमवार को हुए प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बाद उन्होंने कहा कि आंदोलन को दबाने की कोशिश की गई, लेकिन प्रदर्शन जारी रहेगा।


Abhijeet Dipke's Latest Statement

अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के साथ कठोर व्यवहार किया गया और सरकार आंदोलन को रोकने के लिए बल प्रयोग पर उतारू थी। उन्होंने कहा कि कई प्रदर्शनकारी घायल हुए और उनके साथ हुए घटनाक्रम ने आंदोलन को और मजबूत कर दिया है। उन्होंने समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील भी की।


'Government Was Ready to Spill Blood' Claim

दिपके ने अपने बयान में आरोप लगाया कि सरकार प्रदर्शन को रोकने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार थी। उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई के दौरान कई स्वयंसेवकों को चोटें आईं और उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ। इन दावों पर सरकार और पुलिस का पक्ष अलग है तथा आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।


Allegation Over Meeting With Government Representatives

अभिजीत दिपके ने यह भी दावा किया कि आंदोलनकारियों को सरकार के प्रतिनिधियों से मुलाकात के नाम पर एक ऐसी स्थिति में ले जाया गया, जिसे उन्होंने "जाल" जैसा बताया। उनका कहना है कि इस अनुभव के बाद आंदोलन का रुख और सख्त हो गया तथा वे केवल ठोस कार्रवाई के बाद ही किसी समाधान पर विचार करेंगे।


Will the Protest Continue?

दिपके ने स्पष्ट कहा कि आंदोलन फिलहाल समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक जंतर-मंतर पर धरना और विरोध जारी रहेगा। उन्होंने समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से जुड़े रहने की अपील की।


Government and Police Response

दिल्ली पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संसद क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। सरकार का भी कहना है कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई। दूसरी ओर, आंदोलनकारी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं।


Current Situation

फिलहाल जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी है। आंदोलनकारी अपनी मांगों पर कायम हैं, जबकि सरकार और प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में बातचीत या नए घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी हुई है।


Conclusion

अभिजीत दिपके के ताज़ा बयान ने जंतर-मंतर आंदोलन को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। उनके आरोपों और सरकार के जवाब के बीच यह मामला राजनीतिक और सार्वजनिक बहस का विषय बना हुआ है। आगे की दिशा सरकार और आंदोलनकारियों के अगले कदम पर निर्भर करेगी।