Jantar Mantar News: जंतर-मंतर पर धारा 163 लागू, 'संसद चलो' मार्च पर सख्ती

नई दिल्ली | 20 जुलाई 2026

संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ा दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत बिना प्रशासनिक अनुमति के 5 या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने और प्रदर्शन करने पर रोक रहेगी।

यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब "संसद चलो" (Sansad Chalo) मार्च को लेकर देशभर में चर्चा तेज है और बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के दिल्ली पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।


BNSS की धारा 163 क्यों लागू की गई?

दिल्ली पुलिस के अनुसार यह कदम संसद के मानसून सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।

पुलिस ने कहा है कि—

  • बिना अनुमति किसी भी प्रकार का प्रदर्शन प्रतिबंधित रहेगा।
  • 5 या अधिक लोगों की अनधिकृत सभा पर कार्रवाई होगी।
  • संसद क्षेत्र और आसपास सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह हाई अलर्ट पर रहेगी।
  • नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

'संसद चलो' मार्च को नहीं मिली अनुमति

दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित "संसद चलो" मार्च के लिए कोई आधिकारिक अनुमति जारी नहीं की गई है।

इसके बावजूद आंदोलन से जुड़े कई संगठनों ने अपने समर्थकों से दिल्ली पहुंचने की अपील की है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।


सोनम वांगचुक आंदोलन बना चर्चा का केंद्र

हाल के दिनों में सोनम वांगचुक का आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। जंतर-मंतर पर उनके समर्थन में बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उनके समर्थकों का कहना है कि आंदोलन जारी रहेगा।

इसी पृष्ठभूमि में "संसद चलो" मार्च की घोषणा की गई, जिसे देखते हुए राजधानी में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है।


दिल्ली में हाई अलर्ट, संसद क्षेत्र की कड़ी निगरानी

दिल्ली पुलिस ने संसद भवन, विजय चौक, इंडिया गेट, जनपथ, कनॉट प्लेस और नई दिल्ली जिले के कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है।

मुख्य इंतज़ामों में शामिल हैं—

  • अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती
  • कई स्थानों पर बैरिकेडिंग
  • वाहन जांच अभियान
  • CCTV और ड्रोन से निगरानी
  • त्वरित कार्रवाई के लिए विशेष टीमें

आम लोगों के लिए क्या एडवाइजरी जारी हुई?

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि—

  • बिना अनुमति किसी भी प्रदर्शन में शामिल न हों।
  • ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें।
  • अफवाहों या भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करें।
  • कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

BNSS की धारा 163 क्या है?

BNSS (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita) की धारा 163 जिला प्रशासन को विशेष परिस्थितियों में सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए आदेश जारी करने का अधिकार देती है।

इसके तहत प्रशासन—

  • सार्वजनिक सभा पर रोक लगा सकता है।
  • जुलूस और प्रदर्शन सीमित कर सकता है।
  • संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष प्रतिबंध लागू कर सकता है।

सोशल मीडिया पर क्यों ट्रेंड कर रही है यह खबर?

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FAQs

1. जंतर-मंतर पर धारा 163 क्यों लागू की गई?

संसद के मानसून सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा कारणों से नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 लागू की गई है।

2. क्या 'संसद चलो' मार्च की अनुमति मिली है?

नहीं। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है।

3. BNSS की धारा 163 में क्या प्रतिबंध हैं?

बिना अनुमति 5 या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने और सार्वजनिक प्रदर्शन करने पर रोक लगाई जा सकती है।

4. सोनम वांगचुक आंदोलन का इससे क्या संबंध है?

सोनम वांगचुक के समर्थन में चल रहे आंदोलन के बीच "संसद चलो" मार्च की घोषणा हुई थी, जिसके मद्देनज़र सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।

5. दिल्ली पुलिस ने लोगों से क्या अपील की है?

पुलिस ने लोगों से कानून का पालन करने, अनधिकृत प्रदर्शन से दूर रहने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

Conclusion

20 जुलाई 2026 को संसद के मानसून सत्र से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। BNSS की धारा 163 लागू होने के बाद बिना अनुमति प्रदर्शन और जुलूस पर रोक रहेगी। "संसद चलो" मार्च, सोनम वांगचुक आंदोलन और बढ़ी हुई सुरक्षा व्यवस्था ने इस पूरे घटनाक्रम को देश की सबसे चर्चित खबरों में शामिल कर दिया है। आने वाले दिनों में प्रशासन और आंदोलनकारियों के अगले कदम पर पूरे देश की नजर रहेगी.