झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों का आंदोलन 18 अगस्त 2026 को भी चर्चा में बना हुआ है। छात्रों की प्रमुख मांग भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और कथित अनियमितताओं की जांच से जुड़ी है।
आंदोलन से जुड़े छात्र नेताओं का कहना है कि सरकारी नौकरी की परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित होता है। इसी कारण वे भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की मांग कर रहे हैं।
What Is the Jharkhand JPSC-JSSC Student Protest?
झारखंड में चल रहा यह छात्र आंदोलन मुख्य रूप से JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर है।
छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकारी भर्ती परीक्षाएं पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जाएं और कथित पेपर लीक या अन्य अनियमितताओं की स्थिति में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
JSSC-CGL Exam Cancellation
18 August 2026 तक सामने आई जानकारी के अनुसार, झारखंड सरकार ने JSSC-CGL 2024 examination को रद्द करने का फैसला किया है। इसके साथ ही निजी एजेंसी TDPL द्वारा आयोजित संबंधित परीक्षाओं, परिणामों और चयन प्रक्रिया को लेकर भी सरकार की ओर से कार्रवाई की गई है।
परीक्षा रद्द किए जाने के बाद आंदोलन से जुड़े अभ्यर्थियों के बीच इसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
Devendra Nath Mahto Hunger Strike
छात्र नेता Devendra Nath Mahto इस आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं के खिलाफ लंबे समय तक भूख हड़ताल की।
सरकार की ओर से परीक्षा रद्द करने के फैसले के बाद उनकी भूख हड़ताल समाप्त हुई, लेकिन आंदोलन के अगले चरण को लेकर भी बयान सामने आए हैं।
What Are Students Demanding?
छात्रों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- भर्ती परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता।
- परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकना।
- कथित पेपर लीक और गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच।
- JPSC और JSSC की परीक्षा प्रणाली में सुधार।
- भविष्य की परीक्षाओं के लिए सुरक्षित और पारदर्शी व्यवस्था।
- भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा।
- अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई।
What Happens Next?
18 August 2026 को सामने आए घटनाक्रम के बाद अब नजर सरकार की अगली कार्रवाई और भविष्य की भर्ती परीक्षाओं पर है।
छात्र नेताओं की ओर से संकेत दिया गया है कि परीक्षा रद्द होने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार की मांग जारी रहेगी। आने वाले दिनों में आंदोलन का अगला चरण सामने आ सकता है।
Why Is This Protest Important?
झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले हजारों अभ्यर्थियों के लिए JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाएं महत्वपूर्ण हैं। परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी का सीधा असर अभ्यर्थियों के करियर और भविष्य पर पड़ सकता है।
इसी वजह से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता का मुद्दा लगातार चर्चा में है।
Latest Update on 18 August 2026
18 August 2026 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, JSSC-CGL परीक्षा को रद्द किए जाने के बाद छात्रों की मुख्य मांग अब भर्ती प्रक्रिया में स्थायी सुधार और भविष्य की परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।
अभ्यर्थियों और छात्र नेताओं की अगली रणनीति पर अब नजर बनी हुई है।
FAQs
Why Are Jharkhand Students Protesting?
छात्र JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, परीक्षा प्रक्रिया और पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध कर रहे हैं।
Has the JSSC-CGL Exam Been Cancelled?
18 August 2026 तक उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सरकार ने JSSC-CGL 2024 परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया है।
Who Is Devendra Nath Mahto?
Devendra Nath Mahto झारखंड के छात्र आंदोलन से जुड़े प्रमुख नेताओं में से एक हैं, जिन्होंने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन और भूख हड़ताल की।
What Are the Students Demanding?
छात्र पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, निष्पक्ष परीक्षाएं, कथित अनियमितताओं की जांच और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने की मांग कर रहे हैं।
Is the Jharkhand Student Protest Over?
JSSC-CGL रद्द होने के बाद आंदोलन का एक चरण समाप्त हुआ है, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहने की संभावना है।