Jharkhand JPSC-JSSC Student Protest on 19 August 2026


झारखंड में 19 August 2026 को JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन एक नए चरण में पहुंच गया है। सरकार द्वारा JSSC-CGL समेत विवादों से जुड़ी भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के बाद भी आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

छात्र नेता Devendra Nath Mahto ने अपनी 16 दिन की भूख हड़ताल समाप्त कर दी है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। अब आंदोलन का अगला चरण भर्ती परीक्षाओं को भ्रष्टाचार और पेपर लीक से मुक्त बनाने तथा JPSC-JSSC की परीक्षा व्यवस्था में सुधार पर केंद्रित रहेगा।

What Is the Jharkhand JPSC-JSSC Student Protest?

झारखंड में यह छात्र आंदोलन सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर शुरू हुआ था।

JPSC और JSSC की विभिन्न परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए थे। आंदोलन के दौरान छात्रों ने परीक्षा रद्द करने, स्वतंत्र जांच और भविष्य में निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।

JSSC-CGL Exam Cancellation

आंदोलन के बीच झारखंड सरकार ने JSSC-CGL examination को रद्द करने का फैसला लिया। इसके साथ ही TDPL द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं से संबंधित प्रक्रियाओं को भी रद्द करने और अनियमितताओं की व्यापक जांच का निर्णय लिया गया।

सरकार के इस फैसले को आंदोलनकारी छात्रों ने अपनी बड़ी उपलब्धि माना है। हालांकि, परीक्षा रद्द होने के बाद उन अभ्यर्थियों के बीच भी चिंता पैदा हुई है जो पहले चयनित हो चुके थे और अब अपने भविष्य को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

Devendra Nath Mahto Ends Hunger Strike

Hunger Strike Ends, Protest Continues

छात्र नेता Devendra Nath Mahto ने 16 दिन की भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। यह भूख हड़ताल भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ शुरू की गई थी।

सरकार द्वारा JSSC-CGL और TDPL से संबंधित परीक्षाओं को रद्द करने के बाद उन्होंने अनशन समाप्त किया, लेकिन आंदोलन जारी रखने की घोषणा की। उनका अगला फोकस भ्रष्टाचार-मुक्त और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था पर है।

Main Demands of the Students

आंदोलन से जुड़ी प्रमुख मांगों में शामिल हैं:

  • भर्ती परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता।
  • पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं पर प्रभावी रोक।
  • JPSC और JSSC की परीक्षा प्रणाली में सुधार।
  • कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच।
  • भविष्य की भर्ती परीक्षाओं को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाना।
  • अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा।
  • भर्ती प्रक्रिया में स्पष्ट और विश्वसनीय नियम।

Second Phase of the Protest

Demand for Corruption-Free Recruitment

19 August 2026 तक आंदोलन का फोकस परीक्षा रद्द कराने से आगे बढ़कर Recruitment System Reform पर पहुंच गया है।

Devendra Nath Mahto ने कहा है कि आंदोलन का दूसरा चरण JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को खत्म करने तथा भविष्य में पेपर लीक रोकने की व्यवस्था बनाने की मांग को लेकर होगा।

Government Investigation

Inquiry Into Recruitment Exam Irregularities

सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए कार्रवाई शुरू की है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द किया गया है और पुराने मामलों की जांच के लिए जांच प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।

इस जांच का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियों की वास्तविक स्थिति सामने लाना और जिम्मेदारी तय करना है।

Selected Candidates Face Uncertainty

Concerns Among Already Selected Candidates

JSSC-CGL परीक्षा रद्द होने के बाद उन अभ्यर्थियों की स्थिति भी महत्वपूर्ण हो गई है जो इस परीक्षा के आधार पर चयनित हो चुके थे।

ऐसे उम्मीदवारों ने भी विरोध जताया है और अपने चयन तथा नियुक्ति को लेकर न्याय की मांग की है। इससे आंदोलन का मुद्दा अब केवल परीक्षा में कथित अनियमितताओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि चयनित उम्मीदवारों के भविष्य का सवाल भी सामने आ गया है।

What Happened on 19 August 2026?

19 August 2026 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, छात्र आंदोलन का एक प्रमुख चरण JSSC-CGL और संबंधित परीक्षाओं के रद्द होने के बाद पूरा हुआ है, लेकिन आंदोलनकारी अब परीक्षा व्यवस्था में स्थायी सुधार की मांग कर रहे हैं।

Devendra Nath Mahto ने भूख हड़ताल समाप्त करने के बावजूद आंदोलन जारी रखने और उसके दूसरे चरण की घोषणा की है।

Latest Update on 19 August 2026

19 August 2026 की ताजा स्थिति: झारखंड में JPSC-JSSC छात्र आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। Devendra Nath Mahto ने 16 दिन की hunger strike खत्म कर दी है, लेकिन भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था की मांग को लेकर आंदोलन का अगला चरण शुरू करने की बात कही है।

सरकार द्वारा JSSC-CGL समेत कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने और जांच के आदेश के बाद अब छात्रों की नजर आगे की भर्ती व्यवस्था और जांच के परिणाम पर है।

What Happens Next?

Future of JPSC-JSSC Recruitment

आने वाले दिनों में तीन मुद्दे सबसे महत्वपूर्ण रहेंगे।

पहला, रद्द की गई परीक्षाओं को लेकर सरकार नई भर्ती प्रक्रिया कैसे शुरू करती है। दूसरा, कथित अनियमितताओं की जांच से क्या निष्कर्ष सामने आते हैं। तीसरा, पहले से चयनित अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर सरकार क्या निर्णय लेती है।

छात्र आंदोलन का अगला चरण इन्हीं मुद्दों पर केंद्रित रहने की संभावना है।

Why Is This Protest Important?

झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले हजारों अभ्यर्थियों के लिए JPSC और JSSC की परीक्षाएं बेहद महत्वपूर्ण हैं।

यदि भर्ती परीक्षा में अनियमितता होती है तो उसका असर केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं रहता। अभ्यर्थियों की वर्षों की तैयारी, समय और करियर प्रभावित हो सकता है।

इसी कारण आंदोलन में अब Transparent Recruitment, Leak-Proof Examination System और Fair Selection Process की मांग को प्रमुखता दी जा रही है।

FAQs

Why Are Jharkhand Students Protesting?

झारखंड के छात्र और Job Aspirants सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पारदर्शिता और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

Has the JSSC-CGL Exam Been Cancelled?

हाँ। उपलब्ध जानकारी के अनुसार झारखंड सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है। TDPL से जुड़ी अन्य भर्ती परीक्षाओं पर भी कार्रवाई की गई है।

Who Is Devendra Nath Mahto?

Devendra Nath Mahto झारखंड के छात्र आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक हैं। उन्होंने भर्ती परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर 16 दिन की भूख हड़ताल की और अब आंदोलन के दूसरे चरण की घोषणा की है।

Has Devendra Nath Mahto Ended the Protest?

नहीं। उन्होंने अपनी 16 दिन की भूख हड़ताल समाप्त की है, लेकिन आंदोलन समाप्त नहीं किया। उन्होंने JPSC और JSSC भर्ती व्यवस्था में सुधार के लिए आंदोलन का दूसरा चरण शुरू करने की बात कही है।

What Are the Students Demanding?

छात्र पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, पेपर लीक और अनियमितताओं पर रोक, निष्पक्ष जांच और JPSC-JSSC परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं।

What Happened to Selected JSSC-CGL Candidates?

परीक्षा रद्द होने के बाद पहले से चयनित कुछ अभ्यर्थियों ने भी विरोध जताया है और अपने भविष्य तथा नियुक्ति को लेकर न्याय की मांग की है।

Conclusion

19 August 2026 को झारखंड का JPSC-JSSC छात्र आंदोलन एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। सरकार द्वारा JSSC-CGL और संबंधित भर्ती परीक्षाओं को रद्द किए जाने के बाद Devendra Nath Mahto ने अपनी 16 दिन की भूख हड़ताल समाप्त कर दी है, लेकिन आंदोलन को खत्म नहीं किया है।

अब आंदोलन का अगला चरण भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, पेपर लीक पर रोक और भ्रष्टाचार-मुक्त JPSC-JSSC व्यवस्था की मांग पर केंद्रित होगा। साथ ही पहले से चयनित अभ्यर्थियों के भविष्य का समाधान भी इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण रहेगा।