Punjab Farmers Protest 2 September 2026 : MSP Guarantee, Loan Waiver and Trade Deal Issues
Chandigarh, 2 September 2026: पंजाब में किसानों का बड़ा आंदोलन आज भी जारी है। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के नेतृत्व में किसानों ने 1 सितंबर से चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर सात दिवसीय पक्का मोर्चा शुरू किया है। किसान 7 सितंबर तक अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
किसानों की प्रमुख मांगों में सभी फसलों के लिए MSP की कानूनी गारंटी, किसानों और कृषि मजदूरों की कर्ज माफी, Land Pooling Policy को वापस लेना और प्रस्तावित Free Trade Agreements का विरोध शामिल है।
Punjab Farmers Protest 2 September 2026
चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ पहुंच रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शन के पहले दिन पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से 400 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियां प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं। किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को अस्थायी ठिकानों के रूप में इस्तेमाल किया है।
प्रदर्शन के लिए सड़क के एक हिस्से को बंद रखा गया है, जबकि दूसरे हिस्से से यातायात को नियंत्रित तरीके से चलाया जा रहा है। पुलिस ने बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था भी की है।
MSP Legal Guarantee Is Major Demand
किसानों की सबसे महत्वपूर्ण मांगों में Minimum Support Price यानी MSP की कानूनी गारंटी शामिल है।
SKM की मांग है कि सभी फसलों के लिए MSP को कानूनी सुरक्षा दी जाए और कीमत तय करने में Swaminathan Commission के C2+50 प्रतिशत फार्मूले को आधार बनाया जाए।
किसान संगठनों का कहना है कि केवल MSP घोषित करना पर्याप्त नहीं है। किसानों को उनकी फसल के लिए निर्धारित न्यूनतम मूल्य मिलने की कानूनी व्यवस्था होनी चाहिए।
Farmers Demand Complete Loan Waiver
आंदोलन में किसानों और कृषि मजदूरों की पूर्ण कर्ज माफी भी प्रमुख मांग है।
किसान संगठनों का कहना है कि खेती की लागत बढ़ने और कृषि से जुड़ी आर्थिक परेशानियों के कारण किसान तथा खेत मजदूर आर्थिक दबाव में हैं। इसलिए सरकार को कर्ज की समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए।
Protest Against Land Pooling Policy
पंजाब में किसान संगठन राज्य सरकार की Land Pooling Policy का भी विरोध कर रहे हैं।
किसानों की मांग है कि इस नीति को वापस लिया जाए। उनका कहना है कि जमीन किसानों की आजीविका का प्रमुख आधार है और भूमि से जुड़े किसी भी बड़े फैसले में किसानों के हितों और सहमति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
Opposition to Trade Deals
किसान संगठन अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय देशों के साथ प्रस्तावित या संबंधित Free Trade Agreements का भी विरोध कर रहे हैं।
किसानों को आशंका है कि ऐसे व्यापार समझौतों का असर कृषि उत्पादों, घरेलू बाजार और किसानों की आय पर पड़ सकता है। SKM ने ऐसे समझौतों को वापस लेने की मांग उठाई है।
Other Demands of Farmers
किसानों के इस आंदोलन में कई अन्य मुद्दे भी शामिल हैं। इनमें पंजाब के नदी जल विवादों की समीक्षा, बिजली और बीज से जुड़े कानूनों का विरोध तथा कृषि क्षेत्र से संबंधित विभिन्न नीतियों में बदलाव की मांग शामिल है।
अमृतसर सहित पंजाब के अन्य जिलों में भी किसान, मजदूर और युवा अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से कृषि संकट, फसलों की उचित खरीद कीमत, कर्ज माफी और बाढ़ जैसी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं।
Traffic Impact in Chandigarh Mohali
किसानों के चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर पहुंचने से यातायात पर भी असर पड़ा है। प्रदर्शन स्थल के आसपास सड़क के एक हिस्से को यातायात के लिए बंद किया गया है और कुछ वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है।
प्रशासन ने प्रदर्शन स्थल के आसपास सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की है। आने वाले दिनों में प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ने पर यातायात व्यवस्था पर और प्रभाव पड़ सकता है।
Seven Day Farmers Protest
SKM का यह पक्का मोर्चा 1 सितंबर से 7 सितंबर 2026 तक चलने वाला है। किसान नेताओं ने संकेत दिया है कि सातवें दिन आंदोलन को आगे बढ़ाने को लेकर सामूहिक निर्णय लिया जा सकता है।
इसका मतलब है कि 2 सितंबर को आंदोलन अपने दूसरे दिन में है और आने वाले दिनों में प्रदर्शन की स्थिति महत्वपूर्ण बनी रह सकती है।
Latest Update
2 सितंबर 2026 को पंजाब में किसानों का सात दिवसीय पक्का मोर्चा जारी है। किसान अपनी प्रमुख मांगों को लेकर चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर डटे हुए हैं। प्रदर्शन के दौरान किसानों की संख्या बढ़ने की संभावना है और प्रशासन की ओर से सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है।
Conclusion
Punjab Farmers Protest 2 September 2026 में किसानों की सबसे प्रमुख मांग MSP की कानूनी गारंटी है। इसके साथ ही किसान कर्ज माफी, Land Pooling Policy वापस लेने और Free Trade Agreements के विरोध सहित कई अन्य मुद्दे उठा रहे हैं।
फिलहाल चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर सात दिवसीय पक्का मोर्चा जारी है और 7 सितंबर तक आंदोलन चलने की घोषणा की गई है। आने वाले दिनों में सरकार और किसान संगठनों के बीच बातचीत या आंदोलन की रणनीति में बदलाव होने पर स्थिति बदल सकती है।
Disclaimer: यह रिपोर्ट 2 सितंबर 2026 तक उपलब्ध विश्वसनीय सार्वजनिक समाचार रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। आंदोलन की स्थिति, प्रदर्शनकारियों की संख्या और यातायात व्यवस्था में आगे बदलाव संभव है।