Sansad Chalo News LIVE
20 जुलाई को प्रस्तावित "संसद चलो" मार्च से पहले घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने रविवार को अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए केंद्र सरकार और अस्पताल प्रशासन से तीन दिनों के भीतर सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति पर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी।
दिल्ली हाई कोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर फिलहाल किसी अंतरिम आदेश की आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि वांगचुक को "पुलिस हिरासत" में नहीं माना जा सकता और उनके परिवार को उनसे मिलने की अनुमति दी गई है। साथ ही अदालत ने स्वास्थ्य रिपोर्ट मांगी है ताकि आगे की सुनवाई में स्थिति स्पष्ट हो सके।
अस्पताल से सोनम वांगचुक की अपील
सफदरजंग अस्पताल से जारी संदेश में सोनम वांगचुक ने देशवासियों से 20 जुलाई के "चलो संसद" मार्च में शांतिपूर्ण तरीके से शामिल होने की अपील की। उन्होंने इस अभियान को "भारत का दूसरा स्वतंत्रता आंदोलन" बताया और कहा कि यह आंदोलन न्याय, जवाबदेही और बेहतर भविष्य के लिए है।
CJP ने जारी किया नया आह्वान
Cockroach Janta Party (CJP) ने सोशल मीडिया के माध्यम से समर्थकों से अपील की है कि वे सुबह 9 बजे "Sansad Chalo" मार्च में शामिल हों। संगठन का कहना है कि यह अभियान बेहतर शिक्षा व्यवस्था, जवाबदेही और लोकतांत्रिक अधिकारों के समर्थन में है। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मार्च की अनुमति नहीं दी गई है।
दिल्ली में हाई अलर्ट
संसद के मानसून सत्र और प्रस्तावित मार्च को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रमुख इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल, बैरिकेडिंग, वाहन जांच और 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था की गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
स्वास्थ्य पर क्या अपडेट है?
डॉक्टरों के अनुसार सोनम वांगचुक की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन लंबे अनशन के कारण उन्हें लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। स्वास्थ्य से जुड़े परीक्षण नियमित रूप से किए जा रहे हैं।
अब आगे क्या?
अब सबकी नजर 20 जुलाई के प्रस्तावित "संसद चलो" मार्च और 24 जुलाई को होने वाली अगली हाई कोर्ट सुनवाई पर है। आने वाले दिनों में यह तय होगा कि आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है और प्रशासन की अगली रणनीति क्या होगी।
Conclusion
"संसद चलो" मार्च अब केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुका है। हाई कोर्ट की कार्यवाही, अस्पताल से आए संदेश और दिल्ली में बढ़ी सुरक्षा व्यवस्था ने इस मुद्दे को देश की सबसे ट्रेंडिंग खबरों में शामिल कर दिया है। अगले 24–48 घंटे इस पूरे घटनाक्रम के लिए निर्णायक माने जा रहे हैं।