CJP Inspects Tribal Schools In Rajasthan
Cockroach Janta Party (CJP) की टीम ने 20 सितंबर 2026 को राजस्थान के खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के डेमट, पोंगली और बाबरी गांवों में सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया। यह दौरा CJP के “Adivasi School Thik Karo” अभियान के तहत किया गया था। टीम का नेतृत्व CJP के सह-संयोजक Ashutosh Ranka ने किया।
Basic Facilities And Infrastructure Were Questioned
CJP टीम ने स्कूलों में स्कूल भवन, पानी, कक्षाओं और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को उठाया। Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, डेमट के एक सरकारी प्राथमिक आदिवासी स्कूल के बारे में CJP ने बताया कि वहां भवन और बुनियादी सुविधाओं को लेकर गंभीर समस्याएं थीं।
उदाहरण: Times of India की रिपोर्ट में CJP के निरीक्षण के हवाले से कहा गया कि डेमट के एक स्कूल में 70 बच्चों के लिए एक शिक्षक और दो जर्जर कक्षाएं थीं। CJP ने यह भी दावा किया कि एक स्थान पर स्कूल एक mud room में चल रहा था। ये CJP टीम द्वारा निरीक्षण के दौरान किए गए दावे हैं।
CJP Questions Tribal Development Fund Utilisation
CJP ने राजस्थान के Tribal Area Development (TAD) budget के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए। CJP का आरोप है कि लगभग ₹1,500 करोड़ का TAD budget lapse हुआ और उसने सरकार से पूछा कि आदिवासी कल्याण और शिक्षा के लिए आवंटित धन का इस्तेमाल किस प्रकार किया गया।
यह आंकड़ा CJP द्वारा उठाया गया दावा/सवाल है। इसे यह कहकर प्रस्तुत करना सही नहीं होगा कि ₹1,500 करोड़ निश्चित रूप से बिना उपयोग के रह गए हैं, जब तक संबंधित सरकारी वित्तीय रिकॉर्ड से इसकी स्वतंत्र पुष्टि न हो।
Adivasi School Thik Karo Campaign Expands
CJP founder Abhijeet Dipke ने 16 सितंबर 2026 को “Adivasi School Thik Karo” अभियान की घोषणा की थी। अभियान का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों में उपलब्ध infrastructure, teachers और basic educational facilities की स्थिति को document करना बताया गया।
अभियान की शुरुआत महाराष्ट्र के Gadchiroli से करने की घोषणा हुई थी और इसके बाद राजस्थान सहित अन्य आदिवासी क्षेत्रों में स्कूलों का दौरा करने की योजना बताई गई थी।
What CJP Has Demanded From Rajasthan Government
राजस्थान में निरीक्षण के बाद CJP ने मुख्य रूप से:
- खाली school plots पर आवश्यक school buildings बनाने,
- स्कूलों में drinking water और basic facilities उपलब्ध कराने,
- आदिवासी शिक्षा के लिए आवंटित funds के उपयोग में transparency रखने,
- और स्कूलों की स्थिति में तत्काल सुधार करने की मांग की।
Important: इस खबर में CJP के निरीक्षण और आरोपों को स्पष्ट रूप से CJP के दावे के रूप में रखा गया है। स्कूलों की वास्तविक स्थिति और ₹1,500 करोड़ के budget से जुड़े दावे पर संबंधित सरकारी विभाग का स्वतंत्र जवाब/वित्तीय रिकॉर्ड उपलब्ध होने पर उसे अलग से देखना जरूरी है।